Peer Saqib Raza Mustafai Short Clip Takarir

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मस्जिद नबवी का सेहन था और एक शख्स कोने में बैठकर दुआ मांग रहा है जरा उसके दुआ के लफ सुनिए अल्लाहु इनी अलो का बन का अतल्ला अल्लाह मैं तुझसे इसलिए मांगता हूं कि तू मेरा अल्लाह जो है जरा गौर कीजिए मेरे वालिद गिरामी फरमाते थे अगर बेटा बाप से कहे कि अब्बा जी मैं आपसे इसलिए मांग रहा हूं कि आप मेरे अब्बू जू हैं तो बाप को अपना वजूद बेच के भी देना पड़ा तो उसकी डिमांड पूरी करेगा उसने लफ ही ऐसा कह दिया कि अब्बू मैं आपसे लिए मांग रहा हूं कि आप मेरे अब्बू जू है तो मैंने आपसे ही मांगना तो बंदा क्या कह रहा अल्लाह मैं तुझसे इसलिए मांग रहा हूं कि तू मेरा अल्लाह जो है  तेरे अलावा कोई है भी तो नहीं और कोई है ही नहीं जिस दर पर जाऊ कोई चौखट नहीं है जहां दामन पसारू कोई दलीज ही नहीं है जहां झोली फैलाओ तू बे नियाज है और तुझे ना किसी ने जन्म दिया और ना तूने किसी को जन्म दिया मालिक मैं तेरे हुजूर दुआ कर रहा हूं यह व दुआ कर रहा था कि मेरे हुजूर ने सुन ली तो एक सहाबी को फरमाया कि यह जो दुआ कर रहा ह

अब जो मांगेगा अल्लाह अता करेगा इसने मांगा ही इस ढब से है इस ढब से है एक दुआ और सुन लीजिए जो सैयदना अली मुर्तजा रज अल्लाह ताला अन रब से मांगते हैं अल्लाhu अकबर मुझे तो आज सारा दिन इस दुआ ने निहाल किए रखा यह दुआ मांगते हैं तो अजीब कैफियत होती है या सरीज मलाम जल्दी राजी हो जाने वाले छेती मान जाने उसे माफ कर दे जिसके पास दुआ के अलावा सहारा ही कोई नहीं जिसके पास दुआ के अलावा कुछ है ही नहीं जो पेश कर सके इल्तजा कर सकता है  मिन्नत कर सकता है मिन्नत और तरलो के अलावा जिसके पास कुछ नहीं है ऐ जल्दी मान जाने वाले उसकी मगफिरत कर दे उसको बख्श दे अल्ला hu अकबर तो वह करीम है 

वह कहता है मेरे दर पर आओ तो सही कोई झोली फैलाओ तो सही हम तो मायल बकम है कोई सायल ही नहीं राह दिखलाए किसे रह रब मंजिल ही नहीं कोई आए तो सही झोली फैलाए तो सही कोई तलब तो करे दुनिया वालों से मांगे तो नाराज होते हैं अल्लाह से ना मांगे तो नाराज होता है अल्लाह कहता है मुझसे ना मांग ग तो फिर किस दर पर जाओगे कुल माया बकम र लला दकम अगर तुम नहीं मांगोगे तो फिर वह भी परवाह नहीं करेगा तुम मांगते रहोगे झोली फैलाते रहोगे वह अपनी रहमत तुम्हारे दामन में डालता रहेगा उसके खजानो में कोई कमी नहीं आती हर बंदे को उसकी डिमांड के मुताबिक चाहत के मुताबिक तलब के मुताबिक आरजू और तमन्ना के मुताबिक दे दे उसके खजानो में फिर भी कोई कमी नहीं आती तो उसी से मांगे 


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