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HADEES SARIF HINDI

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Naath Sareef

Iman ka Bayaan Baab-4in  Hindi,English,Urdu and Arabic

Iman ka Bayaan Baab-4in Hindi,English,Urdu and Arabic

Hadees Sarif Baab-4in Hindi Language

(iman ka bayaan)

 बाब 3 : मुसलमान वह है जिसकी जुबान और हाथ से दूसरे मुसलमान बचे रहें।   

 

हदीस न. [10]: अब्दुल्लाह बिन उमर रजि. से रिवायत है, वह नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से बयान करते हैं , आपने फ़रमाया : कि मुसलमान वह है , जिसकी जुबान और हाथ से दूसरे मुसलमान मेहफ़ूज़ रहें और मुजाहिर वह है जो उन चीज़ों को छोड़ दे , जिनसे अल्लाह ने मना किया है। "  

 

फायदे : इस हदीस में सिर्फ जुबान और हाथ से तकलीफ देने का ज़िक्र है , क्यूंकि जयादातर इंसानी तकलीफ़ों का ताल्लुक इन्ही दो से होता है , वार्ना मुसलमान की शान तो यह है कि दूसरे लोगो को उससे किसी किस्म की तकलीफ न पहुंचे , चुनाचे कुछ रिवायतों में यह ज्यादा भी है कि मोमिन वह है जिससे दूसरे लोगों के खून मेहफ़ूज़ रहें। वाजेह रहे कि मुराद से वह तकलीफ देना है जो बिला कजह हो , क्यूंकि बशर्ते कुदरत मुजरिमों को सजा देना और शरपसंद लोगों के फसाद (लड़ाई-झगडे) को ताक़त के जोर से रोकना तो मुसलामनों का असली फ़र्ज़ है। (औनुलबारी , 1/96)

Iman ka Bayaan Baab-3 in Hindi,English,Urdu and Arabic

Iman ka Bayaan Baab-3 in Hindi,English,Urdu and Arabic

Hadees Sarif Baab-3 in Hindi Language

(iman ka bayaan)

 बाब 4 : कौन-सा मुसलमान बेहतर है ?  

 

हदीस न. [11]: अबू मूसा अशआरी रजि. से रिवायत है कि सहाबा किराम रजि. ने अर्ज किया ऐ अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम! कोनसा मुस्लमान बेहतर है ? आपने फ़रमाया , "जिसकी जुबान और ताक़त से दूसरे मूसलमान मेहफ़ूज़ रहें।"  

 

फायदे : "अय्युल इस्लाम" में हजफ है , दरअसल "अय्यु जविले इस्लाम" है। इसकी ताईद सही मुस्लिम की एक रिवायत से होती है जिसके अल्फ़ाज़ "अय्युलमुस्लिमा अफज़ल" बयान हुए हैं। तर्जुमा के वक़्त और जबाब में लगाव कायम रहे। 

Iman ka Bayaan Baab-2 in Hindi,English,Urdu and Arabic

Iman ka Bayaan Baab-2 in Hindi,English,Urdu and Arabic

Hadees Sarif Baab-1in Hindi Language

(iman ka bayaan)

 बाब 2 : उमूरे ईमान (ईमान के बहुत से काम)   

हदीस न. [9]: अबू हुरैरा रजि. से रिवायत है, वह नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से बयान करते हैं , आपने फ़रमाया : ईमान के साठ से कुछ ज्यादा टहनिया हैं और शर्म भी ईमान की एक (अहम) टहनी है।    

फायदे : हदीस के आखिर में शर्म को खुसूसियत के साथ बयान किया गया है , क्यूंकि इंसानी अख़लाक़ में शर्म का बहुत बुलंद मक़ाम है , यह वह आदत है जो इंसान को बहुत गुनाहों से रोकती है। शर्म सिर्फ लोगों से ही नहीं बल्कि सब से जयादा अल्लाह से होनी चाहिए। इस बिना पर सब से बड़ा बेहया वह बदबख्त इंसान है जो गुनाह करते वक़्त अल्लाह से नहीं शर्माता , यही वजह है कि इमां और शर्म के बीच गहरा रिश्ता है।(औनुलबारी, 1/96)

Hadees Sarif Baab-1 in Hindi,English,Urdu and Arabic

Hadees Sarif Baab-1 in Hindi,English,Urdu and Arabic



Hadees Sarif Baab-1in Hindi Language

 बाब 1 : नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का फरमान : "इस्लाम कि बुनियाद पांच चीज़ों पर है। " 

 

हदीस न. [8]: अब्दुल्लाह बिन उमर रजि. से रिवायत है कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम इरशाद फ़रमाया : "इस्लाम की बुनियाद पांच चीज़ों पर रखी गई है " गवाही देना कि अल्लाह के आलावा कोई माबूद हक़ीक़ी नहीं और मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अल्लाह के रसूल हैं , नमाज़ कायम करना, जकात अदा करना , हज करना और रमज़ानुल मुबारक के रोज़े रखना। " 

 

फायदे : इमाम बुखारी के नज़दीक इस्लाम और ईमान एक ही चीज़ है और यह बाब बांधकर साबित किया है कि शरीअत ने चन्द चीज़ों से इमां को जोड़ा है और उसमे कमी और बेशी हो सकती है। इमाम बुखारी खुद फरमाते हैं कि मैं मुख्तलिफ शहरों में हजार से जायद इल्म वालों से मिला हूँ , सब यही कहते थे कि इमान कौल और अमल का नाम है और यह कम और जयादा होता रहता है।

Hadees Sarif Baab-1in English Language

Chapter 1: The Prophet (peace be upon him) said: "Islam is based on five things." 


Hadith No. [8]: Narrated ‘Abdullah bin Umar (RA) that Rasulullah (peace be upon him) said: "Islam is based on five things" Testifying that there is no true god except Allah and that Muhammad (peace be upon him) is the Messenger of Allah, establishing prayer, paying the zakat, performing Hajj and fasting in Ramadan. " 


Benefits: According to Imam Bukhari, Islam and faith are the same thing and he has proved this by linking it with the fact that Shariah has linked faith with a few things and there can be an increase or decrease in it. Imam Bukhari himself says that I have met more than a thousand knowledgeable people in different cities, all of them used to say that faith is the name of words and actions and it keeps on increasing and decreasing.


Hadees Sarif Baab-1in Urdu Language

باب 1: رسول اللہ صلی اللہ علیہ وسلم نے فرمایا: اسلام کی بنیاد پانچ چیزوں پر ہے۔ 

 

 حدیث نمبر۔ [8] : عبد اللہ بن عمر رازی ۔ روایت ہے کہ رسول اللہ صلی اللہ علیہ وسلم نے فرمایا: اسلام کی بنیاد پانچ چیزوں پر ہے، اس بات کی گواہی دینا کہ اللہ کے سوا کوئی معبود نہیں اور محمد صلی اللہ علیہ وسلم اللہ کے رسول ہیں، نماز قائم کرنا، زکوٰۃ ادا کرنا، حج کرنا۔ اور رمضان المبارک میں روزہ رکھنا۔ , 

 

 فوائد: امام بخاری کے نزدیک اسلام اور ایمان ایک ہی چیز ہیں اور اس مسئلہ کو باندھ کر انہوں نے ثابت کیا کہ شریعت نے امام کو چند چیزوں سے جوڑ دیا ہے اور اس میں کمی یا زیادتی ہو سکتی ہے۔ امام بخاریؒ خود فرماتے ہیں کہ میں نے مختلف شہروں میں ہزاروں اہل علم سے ملاقات کی، وہ سب کہتے تھے کہ ایمان ایمان اور عمل کا نام ہے اور یہ بڑھتا ہی جاتا ہے۔

Hadees Sarif Baab-1in Arbic Language

الباب الأول: قال النبي صلى الله عليه وسلم: «أساس الإسلام على خمسة أشياء». 

 

 الحديث رقم. [8]: عبد الله بن عمر الرازي. عن رسول الله صلى الله عليه وسلم قال: «بني الإسلام على خمس: شهادة أن لا إله إلا الله وأن محمدا رسول الله، وإقام الصلاة، وإيتاء الزكاة، والحج». والصيام خلال شهر رمضان المبارك. , 

 

 المزايا: وفقا للإمام البخاري، فإن الإسلام والإيمان هما نفس الشيء، ومن خلال ربط هذه المسألة أثبت أن الشريعة ربطت الإمام بأشياء قليلة ويمكن أن يكون هناك نقص أو زيادة فيها. يقول الإمام البخاري نفسه إنني التقيت آلاف العلماء في مدن مختلفة، وكان الجميع يقولون إن الإيمان اسم الإيمان والعمل، وهو يزيد وينقص.

Peer Saqib Raza Mustafai Short Clip Takarir

Peer Saqib Raza Mustafai Short Clip Takarir

Peer Saqib Raza Mustafai Short Clip Takarir

मस्जिद नबवी का सेहन था और एक शख्स कोने में बैठकर दुआ मांग रहा है जरा उसके दुआ के लफ सुनिए अल्लाहु इनी अलो का बन का अतल्ला अल्लाह मैं तुझसे इसलिए मांगता हूं कि तू मेरा अल्लाह जो है जरा गौर कीजिए मेरे वालिद गिरामी फरमाते थे अगर बेटा बाप से कहे कि अब्बा जी मैं आपसे इसलिए मांग रहा हूं कि आप मेरे अब्बू जू हैं तो बाप को अपना वजूद बेच के भी देना पड़ा तो उसकी डिमांड पूरी करेगा उसने लफ ही ऐसा कह दिया कि अब्बू मैं आपसे लिए मांग रहा हूं कि आप मेरे अब्बू जू है तो मैंने आपसे ही मांगना तो बंदा क्या कह रहा अल्लाह मैं तुझसे इसलिए मांग रहा हूं कि तू मेरा अल्लाह जो है  तेरे अलावा कोई है भी तो नहीं और कोई है ही नहीं जिस दर पर जाऊ कोई चौखट नहीं है जहां दामन पसारू कोई दलीज ही नहीं है जहां झोली फैलाओ तू बे नियाज है और तुझे ना किसी ने जन्म दिया और ना तूने किसी को जन्म दिया मालिक मैं तेरे हुजूर दुआ कर रहा हूं यह व दुआ कर रहा था कि मेरे हुजूर ने सुन ली तो एक सहाबी को फरमाया कि यह जो दुआ कर रहा ह

अब जो मांगेगा अल्लाह अता करेगा इसने मांगा ही इस ढब से है इस ढब से है एक दुआ और सुन लीजिए जो सैयदना अली मुर्तजा रज अल्लाह ताला अन रब से मांगते हैं अल्लाhu अकबर मुझे तो आज सारा दिन इस दुआ ने निहाल किए रखा यह दुआ मांगते हैं तो अजीब कैफियत होती है या सरीज मलाम जल्दी राजी हो जाने वाले छेती मान जाने उसे माफ कर दे जिसके पास दुआ के अलावा सहारा ही कोई नहीं जिसके पास दुआ के अलावा कुछ है ही नहीं जो पेश कर सके इल्तजा कर सकता है  मिन्नत कर सकता है मिन्नत और तरलो के अलावा जिसके पास कुछ नहीं है ऐ जल्दी मान जाने वाले उसकी मगफिरत कर दे उसको बख्श दे अल्ला hu अकबर तो वह करीम है 

वह कहता है मेरे दर पर आओ तो सही कोई झोली फैलाओ तो सही हम तो मायल बकम है कोई सायल ही नहीं राह दिखलाए किसे रह रब मंजिल ही नहीं कोई आए तो सही झोली फैलाए तो सही कोई तलब तो करे दुनिया वालों से मांगे तो नाराज होते हैं अल्लाह से ना मांगे तो नाराज होता है अल्लाह कहता है मुझसे ना मांग ग तो फिर किस दर पर जाओगे कुल माया बकम र लला दकम अगर तुम नहीं मांगोगे तो फिर वह भी परवाह नहीं करेगा तुम मांगते रहोगे झोली फैलाते रहोगे वह अपनी रहमत तुम्हारे दामन में डालता रहेगा उसके खजानो में कोई कमी नहीं आती हर बंदे को उसकी डिमांड के मुताबिक चाहत के मुताबिक तलब के मुताबिक आरजू और तमन्ना के मुताबिक दे दे उसके खजानो में फिर भी कोई कमी नहीं आती तो उसी से मांगे 


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Mufti Salmairn Ajhari Takr

Mufti Salmairn Ajhari Takr


Takrir short clip for iman 

एक हदीस पाक है रसूल गिरामी वकार S.A.W इरशाद फरमाते हैं ईमान की हलावत ईमान की लज्जत ईमान की जो शिरनी है मिठास है आपको मिली है या नहीं मिली है यह मैं नहीं बता सकता लेकिन अगर पाना है उसकी लज्जत उसकी हलावत ईमान की मिठास होती कैसे है 

उसके लिए हुजूर पाक S.A.W तीन अलामत बताई जिस शख्स के अंदर यह तीन बातें आ जाए तो फिर वो ईमान की लज्जत महसूस कर सकता है ईमान की मिठास उसे मिल सकती है ईमान जो है सिर्फ दाढ़ी टोपी का नाम नहीं है जुब्बा कुर्ते का नाम नहीं है ईमान सिर्फ झंडा लेकर घूमने का नाम नहीं है ईमान एक अलग कैफियत है जिसका सुरूर बंदे को मिलता है जिसकी लज्जत और जिसकी शिरनी को व बता नहीं सकता और वो कैसे हासिल होती है तीन चीजें मेरे आका फरमाते हैं पहली चीज अल्लाह और उसके रसूल से सबसे ज्यादा मोहब्बत करता हो पहली चीज

 और दूसरी चीज यह है कि जिससे भी मोहब्बत करता है दुनिया में वह सिर्फ अल्लाह उसके रसूल के लिए करता है तीसरी चीज है कुफ्र में वापस लौटने को इतना सख्त समझता हो जैसे आग में हाथ डालने को सख्त समझता  आग में हाथ डालना किसी के लिए आसान होगा लेकिन कुफ्र शिर्क की तरफ जाने को सख्त नापसंद करता हो यह तीन चीजें अगर तुम्हारे अंदर आ गई तो ईमान की लज्जत मिल जाएगी ईमान की मिठास मिल जाएगी 

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Sayyad Aminullah Qadri Short Takrir with Speech

Sayyad Aminullah Qadri Short Takrir with Speech



Takrir 
VIdeo with Text

Toh Allah हमारे Shairak से ज्यादा करीब है उससे कुछ छुपा Huwa नहीं है और फिर वह  हमसे नफरत नहीं करता  मुसलमान हो या kafir  गुनहगार Ho ya Nekk woh  प्यार करता है सबसे  Bahot मोहब्बत करता है बल्कि सूफियां फरमाते के अल्लाह अपने बंदों से 70 Maa o से ज्यादा प्यार करता है  1 मर्तबा  एक खातून Sayadunna Faruke Azam की Bargah में आई और Aane ke Baad उसने Sawal kiya Aye Umar ibne  खताब Janashile Amirul Mominin ध्यान से सुनिए में Tameed के तौर पर यह बात Nahi Kar rahahu उनवान आगे आने वाला है Amirul Mominin यह बताएं कि अल्लाह हमसे कितना प्यार करता है सर्दी के दिन थे Hazrate फारूक आजम के आगे Aag jal रही थी Hazrate फारूक आजम अपने गुलाम से कहा Eesh औरत se गोद से Bachcha Mang उस औरत की गोद से बच्चा मांगा गया औरतों ने बच्चा दे दिया Dene के बाद Hazrate फारूक आजमने उस औरत को समझाने के लिए Mashalat Farmaya इस बच्चे को Aag में Dalde Aurat तड़प गयी उसकी चीख निकल गई आंखें फटी की फटी रह गई  उसने Kaha  Amirul Mominin मसला पूछकर कोई गलती की है तो माफ कर दे आज के बाद कोई मसला नहीं पूछूंगी लेकिन आप मेरे बच्चे के साथ ऐसा न करें मां की तड़पती रही  मां की ममता बेचैन होती रही  मां की ममता Bekarar होती रही आखिर में यहां तक उस Ne कह दिया Amirul Mominin अगर मेरे बच्चे को जलाने की Faisala hee आपने कर लिया है Toh Ek MAA Aapse फरियाद करती है मेरे बच्चे की जगह आप मुझे जला दे आप उसे जला दें मैं आपके Ahesanmand रहूंगी लेकिन मेरे बच्चे को आग में न डाले आज के बाद कोई मसला नहीं पूछूंगी मुझे माफ कर दे अमीरूल मोमिनीन जब उसकी तड़प उसका रोना उसका बिलखना देखा गुलाम से का बच्चा दे वापस गुलाम में Bachcha wapas  दिया वह पूरे मजमें से बेखबर हो गई सब लोगों से बेखबर हो गई Bachcha चिमटया  मेरा लाल गाल चूमे Muhh चूमे  और लगी मेरी जान तुझ पर Kurban जब उसके होश हवास kayam हो गए अमीरूल मोमिनीन  मुस्कुरा कर कहा मैंने कब  Bachcha Aag में डालना tha सिर्फ Tujhe समझाने के लिए बता इस बच्चे se तू जितना प्यार करती है उस se 70 Gunna ज्यादा अल्लाह अपने बंदों से प्यार करता है  

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ALLAH HAM SAB KO QURAAN PADHNE KI TAUFIQ ATTA FARMAYE
AAMEEN

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